दिनांक: 15 मार्च 2026स्थान: जाजरकोट, नेपालआज मैं अपना एक विशेष अनुभव साझा कर रहा हूँ। करीब सात-आठ साल पहले, जब मैं नेपाल में कॉलेज की पढ़ाई करता था, तब अक्सर सब्जियाँ बेचने बाजार जाया करता था। उसी पुराने अनुभव और अपनी मेहनत की उपज को सही ठिकाने लगाने के लिए, आज मैं फिर से सब्जी बेचने कालेगाउँ से बाजार निकला।सुबह की तैयारी और प्रस्थानआज 15 मार्च 2026 है। आज बांदा … [Read more...] about मेरा अनुभव: 8 साल बाद फिर उसी बाजार में सब्जी बेचने का अनुभव
मेरा अनुभव
सिंगारु नृत्य: जाजरकोट का वो रहस्यमयी नाच, जहाँ पुरुष पहनते हैं साड़ी!
सुरम्य पहाडियों से घिरे उत्तर में कुशे चाखुरे पाटन (बुग्याल) तथा दक्षिण में कल-कल बहती भेरी नदी -आहा ! यह दृश्य कितना मनमोहक है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है कर्णाली प्रदेश का यह जिला जाजरकोट। न केवल अपनी वादियों के लिए बल्कि अपनी समृद्ध लोक संस्कृति के लिए भी जाना जाता है।जाजरकोट की इन्हीं जीवंत लोक संस्कृतियों में से एक है यहाँ का सुप्रसिद्ध 'सिंगारु नृत्य'। चूँकि मैं … [Read more...] about सिंगारु नृत्य: जाजरकोट का वो रहस्यमयी नाच, जहाँ पुरुष पहनते हैं साड़ी!
शून्य से शिखर तक: जब हाथ कुदाल पर हो और कंधे पर अकेलेपन का बोझ
कहते हैं कि घर दो पहियों से चलता है, लेकिन क्या हो जब एक पहिया अपनी दिशा ही बदल ले? आज मैं 'शून्य' पर खड़ा हूँ। एक तरफ मेरी पुश्तैनी जमीन है, मेरा बगीचा है जिसे मैं अपने पसीने से सींचना चाहता हूँ, और दूसरी तरफ एक ऐसा खामोश संघर्ष है जो घर की चारदीवारी के भीतर रोज चलता है। लोग कहते हैं कि पहाड़ की जिंदगी शांत होती है, लेकिन इस शांति के पीछे एक अकेलापन भी है। जब आप सुबह की … [Read more...] about शून्य से शिखर तक: जब हाथ कुदाल पर हो और कंधे पर अकेलेपन का बोझ



