जाजरकोट और सल्यान के जंगलों में एक ऐसी जड़ी-बूटी छिपी है जो अपनी ताकत और आकार से किसी को भी हैरान कर सकती है। हाल ही में एक कलेक्शन सेंटर में मैंने अपनी आँखों से 80 से 90 किलो वजन का एक विशाल 'बिरालगानो' देखा। लेकिन इस अद्भुत प्राकृतिक संपदा के पीछे की व्यापारिक कहानी उतनी ही चिंताजनक है।नाम और पहचान (विविध भाषाओं में)इस जड़ी-बूटी को दुनिया भर में अलग-अलग नामों से जाना … [Read more...] about गुज्जरगानो (पाठा): जाजरकोट की अनमोल जड़ी-बूटी और बिचौलियों की लूट
खेती किसानी
शून्य से शिखर तक: जब हाथ कुदाल पर हो और कंधे पर अकेलेपन का बोझ
कहते हैं कि घर दो पहियों से चलता है, लेकिन क्या हो जब एक पहिया अपनी दिशा ही बदल ले? आज मैं 'शून्य' पर खड़ा हूँ। एक तरफ मेरी पुश्तैनी जमीन है, मेरा बगीचा है जिसे मैं अपने पसीने से सींचना चाहता हूँ, और दूसरी तरफ एक ऐसा खामोश संघर्ष है जो घर की चारदीवारी के भीतर रोज चलता है। लोग कहते हैं कि पहाड़ की जिंदगी शांत होती है, लेकिन इस शांति के पीछे एक अकेलापन भी है। जब आप सुबह की … [Read more...] about शून्य से शिखर तक: जब हाथ कुदाल पर हो और कंधे पर अकेलेपन का बोझ


